惯性聚合 高效追踪和阅读你感兴趣的博客、新闻、科技资讯
阅读原文 在惯性聚合中打开

推荐订阅源

酷 壳 – CoolShell
酷 壳 – CoolShell
aimingoo的专栏
aimingoo的专栏
P
Proofpoint News Feed
宝玉的分享
宝玉的分享
MyScale Blog
MyScale Blog
The GitHub Blog
The GitHub Blog
钛媒体:引领未来商业与生活新知
钛媒体:引领未来商业与生活新知
月光博客
月光博客
量子位
博客园 - 司徒正美
V
V2EX
I
InfoQ
奇客Solidot–传递最新科技情报
奇客Solidot–传递最新科技情报
Vercel News
Vercel News
H
Hackread – Cybersecurity News, Data Breaches, AI and More
美团技术团队
N
Netflix TechBlog - Medium
L
LangChain Blog
IT之家
IT之家
Blog — PlanetScale
Blog — PlanetScale
Cyber Security Advisories - MS-ISAC
Cyber Security Advisories - MS-ISAC
Stack Overflow Blog
Stack Overflow Blog
A
About on SuperTechFans
Microsoft Azure Blog
Microsoft Azure Blog

Business News in Hindi: बिजनेस न्यूज, बिजनेस समाचार, शेयर मार्केट की ताज़ा खबरें, व्यापार समाचार - BT Bazaar

आधे भारतीय बीमित फिर भी जेब पर भारी इलाज, हेल्थ सर्वे ने खोली हकीकत बाजार की उथल-पुथल के बीच Multi Asset Funds में बढ़ा रिकॉर्ड निवेश! जानिए निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ा टिम कुक ने भारत को कैसे बनाया एप्पल का नया गढ़! iPhone के अलावा किए ये बदलाव KTM की बाइक्स हुई सस्ती! 350cc इंजन और GST कटौती से 390 Duke और Adventure अब ज्यादा किफायती - चेक करें प्राइस World Bank का असली मकसद क्या है? निखिल कामथ के पॉडकास्ट में अजय बंगा ने बताया सीधा फॉर्मूला जीआरएम ओवरसीज ने लॉन्च किया लो GI और हाई फाइबर वाला डायबिटिक फ्रेंडली चावल! 2% उछला स्टॉक नॉन-प्रमोटर ग्रुप डील के बाद वारंट कन्वर्जन से जुटाए ₹25 करोड़, शेयर में दिखी तेजी - आपका दांव है? अब BHIM ऐप से भी चेक कर सकेंगे अपना CIBIL स्कोर, जानिए Step by Step प्रोसेस क्या है POSH कानून? वर्कप्लेस शिकायतों के बाद फिर चर्चा में महिलाओं की सुरक्षा iOS 27 के साथ Siri में हो सकते हैं बड़े बदलाव! WWDC 2026 में मिल सकती है झलक - डिटेल्स पहली बार क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं? इन 5 बड़ी गलतियों से बचें, वरना कर्ज के जाल में फंस सकते हैं आप म्यूचुअल फंड में क्या होते हैं एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड? निवेश से पहले समझें मुनाफे का गणित क्रैश टेस्ट में अव्वल रही नई रेनॉल्ट डस्टर! BNCAP से मिली 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग Silver Price Today 20th April 2026: आपके शहर में आज क्या है चांदी का रेट? यहां देखें नई लिस्ट Gold Price Today 20th April 2026: आपके शहर में आज क्या है सोने का रेट? यहां देखें नई लिस्ट Diesel Price Today 20 April 2026: डीजल के नए रेट हुए जारी, जानें आपके शहर में कितना है रेट, diesel rate today, aaj ka diesel rate Petrol Price Today 20 April 2026: पेट्रोल के नए रेट हुए जारी, जानें अपने शहर का पेट्रोल रेट, petrol rate today, aaj ka petrol rate गंदे-गंदे नाम से बुला रहे हैं... ट्रोलिंग पर नमिता थापर ने शेयर किया लेटेस्ट वीडियो मैसेज - जानें पूरा विवाद चुपचाप महंगा हुआ Airtel का ये 84 दिन वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान! सस्ता ऑप्शन भी गायब, यूजर्स हैरान ₹20 से कम वाले इस छोटू स्टॉक में 13 अप्रैल से लग रहा अपर सर्किट! जल्द दे सकती है डिविडेंड - डिटेल्स Q4 में 45% बढ़ा यस बैंक का नेट प्रॉफिट लेकिन ब्रोकरेज ने फिर भी 17% घटाया टारगेट प्राइस - जानें कारण NSE पर लिस्टिंग के बाद इस तंबाकू कंपनी के शेयर में उछाल! 5% की आई तेजी - शेयर का भाव 50 रुपये से कम हिस्सेदारी खरीद की खबर से चमका ये टेक्सटाइल स्टॉक! 8% से ज्यादा उछला भाव - डिटेल एक बड़ा अपडेट और 4% उछला स्टील सेक्टर की कंपनी का ये शेयर! ₹25 से कम है शेयर प्राइस Silver Price Today 19th April 2026: आपके शहर में आज क्या है चांदी का रेट? यहां देखें नई लिस्ट Gold Price Today 19th April 2026: आपके शहर में आज क्या है सोने का रेट? यहां देखें नई लिस्ट Diesel Price Today 19 April 2026: डीजल के नए रेट हुए जारी, जानें आपके शहर में कितना है रेट, diesel rate today, aaj ka diesel rate Petrol Price Today 19 April 2026: पेट्रोल के नए रेट हुए जारी, जानें अपने शहर का पेट्रोल रेट, petrol rate today, aaj ka petrol rate Silver Price Today 18th April 2026: आपके शहर में आज क्या है चांदी का रेट? यहां देखें नई लिस्ट Gold Price Today 18th April 2026: आपके शहर में आज क्या है सोने का रेट? यहां देखें नई लिस्ट
Explained: डिलिमिटेशन क्या है और ये क्यों होता है? Delimi...
Gaurav Kumar · 2026-04-16 · via Business News in Hindi: बिजनेस न्यूज, बिजनेस समाचार, शेयर मार्केट की ताज़ा खबरें, व्यापार समाचार - BT Bazaar

All about Delimitation: भारत की आबादी हर साल तेजी से बढ़ रही है। देश में जनसंख्या के आधार पर ही एमएलए और सांसद तय किए जाते हैं। पिछली बार जनगणना 2011 में हुई थी और अब 2027 में होगी। बीते 16 सालों में देश की जनसंख्या में काफी इजाफा हुआ है। Worldometer के मुताबिक देश की आबादी इस वक्त 147 करोड़ है। 

इतनी बड़ी आबादी की संभालने और उनकी समस्या का सामाधान करने के लिए उतने ही हिसाब से एमएलए और सांसदों की जरूरत पड़ती है। इसलिए सरकार लोकसभा में डिलिमिटेशन (परिसीमन) बिल लेकर आई है।

ऐसे में हम सभी के मन में यह सवाल आता है कि आखिर ये डिलिमिटेशन यानी परिसीमन क्या है, डिलिमिटेशन बिल क्या है और इसकी जरूरत क्यों हैं?

क्या होता है डिलिमिटेशन?

डिलिमिटेशन एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कुछ सालों में की जाती है। इसका उद्देश्य आबादी के हिसाब से लोकसभा सीटों की संख्या और उनकी सीमाएं तय करना होता है, ताकि सभी राज्यों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। अब तक यह प्रक्रिया पांच बार हो चुकी है।

पहला डिलिमिटेशन 1952 में हुआ था, जो 1951 की जनगणना पर आधारित था और उस समय 494 लोकसभा सीटें तय की गई थीं। इसके बाद 1963 और 1973 में भी यह प्रक्रिया हुई। 1973 में, 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या 543 तय की गई, जब देश की आबादी करीब 54.8 करोड़ थी।

2002 में आखिरी बार बदलाव हुआ, लेकिन उस समय सीटों की संख्या नहीं बदली गई, सिर्फ उनकी सीमाएं बदली गईं।

डिलिमिटेशन क्यों है जरूरी?

डिलिमिटेशन इसलिए जरूरी है क्योंकि देश की आबादी काफी बढ़ चुकी है। इसलिए काफी जरूरी है कि नई जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं दोबारा तय हो ताकि हर सीट पर लगभग बराबर आबादी हो।

इसका उद्देश्य 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' के सिद्धांत को बनाए रखना है, ताकि किसी क्षेत्र में ज्यादा और किसी में बहुत कम मतदाता होने की असमानता खत्म हो सके।

डिलिमिटेशन बिल क्या है?

संसद में आज डिलिमिटेशन बिल पेश किया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा सीटों की कुल संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 815 कर दी जाएगी। 

प्रस्तावित 'परिसीमन विधेयक-2026' के माध्यम से एक नए परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग नई जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों के वितरण का दोबारा निर्धारण करेगा, जिससे प्रत्येक राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए संविधान के कुछ अनुच्छेदों में संशोधन किया जाएगा, ताकि सीटों का आवंटन वर्तमान जनसंख्या के अनुपात में हो सके। नए प्रावधानों के अनुसार, लोकसभा सदस्यों की अधिकतम संख्या 815 तक और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं, जिससे कुल संख्या 850 तक पहुँच सकती है।

वर्तमान में सीटों का निर्धारण 1971 की जनगणना पर आधारित है, जबकि पिछले दशकों में देश की जनसंख्या और सामाजिक परिस्थितियों में भारी बदलाव आया है।

सरकार का तर्क है कि लंबे समय से लंबित इस पुनर्गठन को अब नए आयोग के जरिए पूरा किया जाएगा। विधेयक में यह भी व्यवस्था दी गई है कि महिला आरक्षण को नवीनतम जनगणना के आधार पर लागू किया जाएगा और आरक्षित सीटों को समय-समय पर बदला जाएगा, ताकि सभी क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का समान अवसर मिल सके।