


























Newsट्रेंडिंग40,000 ड्रोन हर महीने बनाने की जरूरत... भविष्य के युद्धों को लेकर पूर्व भारतीय सेना प्रमुख की बड़ी चेतावनी

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बदलती जंग की तकनीक को देखते हुए भारत के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। इंडिया टुडे से खास बातचीत में जनरल नरवणे ने कहा कि भविष्य के युद्धों को जीतने के लिए भारत को अपनी औद्योगिक क्षमता को बिजली की रफ्तार से बदलने की जरूरत है। उनका मानना है कि अब वह समय आ गया है जब देश की हर दूसरी फैक्ट्री में ड्रोन बनाने की क्षमता होनी चाहिए।
युद्ध के बदलते स्वरूप से सीख
रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका के बीच जारी संघर्षों का हवाला देते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि कोई भी दो युद्ध एक जैसे नहीं होते। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ा सबक यही है कि भविष्य की लड़ाई हमेशा चौंकाने वाली होती है। जनरल नरवणे के अनुसार, 'बदली हुई परिस्थितियों में जो देश सबसे तेजी से खुद को ढाल लेता है, जीत उसी की होती है।' इसके लिए उन्होंने मानसिक लचीलेपन और राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन क्षमता को तुरंत बदलने की जरूरत बताई।
हर महीने 40,000 ड्रोन की जरूरत
दूसरे विश्व युद्ध का उदाहरण देते हुए पूर्व सेना प्रमुख ने बताया कि कैसे उस दौर में कार बनाने वाली कंपनियों ने रातों-रात टैंक और विमान बनाना शुरू कर दिया था। आज के दौर में वैसी ही फुर्ती ड्रोन उत्पादन में चाहिए। जनरल नरवणे ने कहा कि भारत को ऐसी स्थिति में होना चाहिए कि हम हर महीने कम से कम 40,000 ड्रोन तैयार कर सकें।
2025 का 'ड्रोन युद्ध' और भारत की तैयारी
जनरल नरवणे का यह बयान 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष की पृष्ठभूमि में काफी अहम है, जिसे रक्षा विश्लेषकों ने पहला 'सच्चा ड्रोन युद्ध' करार दिया था। उस दौरान भारत ने इजरायली 'हारोप' और पोलिश 'वारमेट' जैसे ड्रोन से पाकिस्तान के रडार और सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने भी तुर्की के 'बायराक्तर' जैसे सैकड़ों ड्रोन से लेह से लेकर सर क्रीक तक हमला करने की कोशिश की थी, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया था।
Edited By:
Gaurav
Published On:
Apr 28, 2026
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