

























दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है — ये वाक्य आपने कई दफ़ा सुना होगा। लेकिन क्या दुश्मन के दोस्त से बातचीत रखने में भी कोई फायदा होता है? ये सवाल शायद हम सबको मिलकर ट्रंप से पूछना चाहिए।
इस वक़्त अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के माहौल में घिरे हुए हैं — ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच। और इसी दौरान, वो 43 घंटों के लिए चीन पहुंचे। 13 मई को बीजिंग पहुंचे, राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की, शिखर वार्ता में हिस्सा लिया, Xi Jinping के घर पर डिनर किया और फिर वापस लौट आए।
लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मुलाकात में आखिर क्या बातें हुईं? इस बैठक से निकला क्या? इसे लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और थिंक टैंक लगातार चर्चा कर रहे हैं। लोगों में जिज्ञासा है कि क्या ट्रंप के चीन दौरे का West Asia में चल रहे तनाव पर कोई असर पड़ेगा? क्या दुनिया जिस तेल संकट की आशंका से गुजर रही है, उससे उबर पाएगी?
सवाल कई हैं। और इन सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं एक ऐसी एक्सपर्ट, जो सालों से US-China रिश्तों पर लिखती रही हैं। वो चीन भी जा चुकी हैं, चीनी भाषा जानती हैं, वहां के थिंक टैंक्स और मीडिया — दोनों पर गहरी नज़र रखती हैं। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान के अलावा ताइवान पर भी चर्चा हुई। हमारी मेहमान ताइवान भी जा चुकी हैं।
हमारे साथ हैं Indian Think Tank Observer Research Foundation में फेलो के तौर पर जुड़ीं अंतरा घोषाल सिंह। इससे पहले वो पत्रकार रह चुकी हैं और MP-IDSA (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Aman Pal
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