


















19 मई से 26 मई 2026 का हफ्ता शीत युद्ध के बाद की दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से अहम हफ्तों में से एक साबित हो सकता है। वजह ये नहीं कि किसी एक घटना ने दुनिया बदल दी, बल्कि इसलिए क्योंकि एक ही समय पर हुई दो बड़ी घटनाओं ने दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन को बहुत साफ तरीके से दिखा दिया।
एक तरफ — 26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio नई दिल्ली पहुंचे, जहां क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बैठक का मकसद था इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी और उसके गठबंधनों को मजबूत दिखाना। अमेरिका इसे “फ्री, ओपन और मजबूत इंडो-पैसिफिक” की रणनीति कहता है।
दूसरी तरफ — Vladimir Putin ने 20 मई 2026 को अपनी दो दिन की चीन यात्रा खत्म की। यह उनकी 25वीं चीन यात्रा थी, और शायद अब तक की सबसे अहम यात्रा भी। इस दौरान रूस और चीन के बीच 40 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दो बड़े संयुक्त बयान जारी किए गए। एक में “बहुध्रुवीय दुनिया” यानी Multipolar World और नए तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात हुई। दूसरे में 2030 तक रूस-चीन की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया गया।
इस यात्रा के दौरान पुतिन ने निजी मुलाकात में Xi Jinping के लिए पियानो भी बजाया। वहीं शी जिनपिंग ने दोस्ती पर आधारित 2000 साल पुरानी चीनी कहावत का जिक्र किया। लेकिन सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं ने अमेरिका की “एकतरफा दबदबे वाली नीति” यानी unilateral hegemony की खुलकर आलोचना की।
ये सिर्फ आम कूटनीतिक मुलाकातें नहीं थीं। समझिए क्यों? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में प्रोफेसर मोहसिन रज़ा ख़ान से.
Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Aman Pal
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