























देश की जानी-मानी एजेंसी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार विवादों में घिर चुकी है। एनटीए ने NEET-UG 2026 एग्जाम के पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिए हैं। पेपर लीक के बाद छात्रों, पेरेंट्स और टीचर सब इससे गुस्से में हैं।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब कोई NTA द्वारा किसी एग्जाम का पेपर लीक हुआ हो। इससे पहले भी कई एग्जाम पेपर लीक और रद्द किए जा चुके हैं। नीट 2026 के एग्जाम को मिला लें तो 2021 से अब तक NTA के कुल 5 परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आई हैं।
साल 2024 में UGC-NET के एग्जाम का पेपर भी लीक हुआ था और फिर वो कैंसिल हो गई थी।
इसके अलावा 2024 में NEET-UG, साल 2022 में CUET-UG और साल 2021 में JEE Main की परीक्षाएं पूरी तरह रद्द न होकर तकनीकी खामियों, रिमोट एक्सेस की समस्या और चीटिंग जैसी गड़बड़ी के कारण कई शिफ्ट और सेंटर्स पर रद्द करके रि-एग्जाम कराये गए थे।
पेपर लीक, रिजल्ट में देरी और तकनीकी खामियों की वजह से छात्रों का भरोसा एनटीए पर से कम होता जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर संस्था अपनी खामियों को क्यों ठीक नहीं कर पा रही, क्या हमेशा छात्रों के साथ धोखा होता रहेगा
अब कब होगा NEET 2026 का री-एग्जाम?
हालांकि एनटीए ने अभी तक री-एग्जाम के तरीखों की आधिकारिक घोषण नहीं की है लेकिन उम्मीद है कि जून 2026 तक NEET-UG 2026 का दोबारा परीक्षा हो।
CBI करेगी पेपर लीक की जांच
नीट 2026 परीक्षा में गड़बड़ी की जांच अब CBI को सौंप दी गई है। इससे पहले भी कई मामलों में पेपर लीक और फर्जीवाड़े के आरोपों के बाद जांच एजेंसियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इससे एग्जाम सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हुए हैं। छात्रों और पेरेंट्स का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ी होना चिंता का विषय है।
टेक्नोलॉजी में पिछड़ता एनटीए
कई बार कंप्यूटर आधारित CBT मोड में होने वाली परीक्षा में सर्वर डाउन, लॉगिन समस्या और परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आईं। NEET-UG 2024 और CUET-UG 2022 में भी कई तकनीकी गड़बड़ी देखने को मिली थी।
पेपर लीक से टीचर्स में गुस्सा
फिजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे ने कहा कि पेपर तभी लीक होते हैं जब अंदर के लोग शामिल हो। वे लोग जल्दी पैसा कमाने के लिए ऐसा करते हैं और जो लोग इसे खरीदते हैं वे समाज के हाई क्लास से आते हैं और यह सिंडिकेट अमीर और प्रभावशाली लोगों का होता है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बस इस बार यह पहले से ज्यादा बड़ा मामला बन गया है।
छात्रों में बढ़ता तनाव
लगातार पेपर गड़बड़ी, पेपर रद्द का असर छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा है। कोचिंग संस्थानों का कहना है कि अनिश्चितता बढ़ने से तैयारी पर असर पड़ता है और छात्रों में तनाव बढ़ता है। जिन छात्रों का पेपर अच्छा गया वे सोचते है चलो इस बार रैंक अच्छी आ जाएगी कोई सरकारी कॅालेज मिल जाएगा । मगर जब उन्हें पता चलता है कि पहले से ही सोशल मीडिया साइट्स पर पेपर मौजूद है तो उनके भरोसा को काफी चोट पहुंती है।
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