






















अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नाकेबंदी लागू करने से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में बुधवार को तेजी के संकेत मिल रहे हैं। इसकी वजह है अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद, जिसने ब्रेंट क्रूड को 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनाए रखा है।
खबर लिखे जानें तक गिफ्ट निफ्टी 260.50 अंक यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,138 पर ट्रेड करता दिखा, जो बाजार खुलने पर पॉजिटिव शुरुआत का इशारा दे रहा है। आज मंगलवार को बाजार डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर जयंती के कारण बंद है।
बातचीत की उम्मीद से सेंटिमेंट मजबूत
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के वार्ताकार इस हफ्ते इस्लामाबाद में फिर से बातचीत शुरू कर सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि ईरान समझौते के लिए इच्छुक है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरी तरफ से कॉल आया है, वे डील करना चाहते हैं। हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा जिसमें ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति मिले।
तेल सप्लाई अभी भी दबाव में
Choice Institutional Equities के अनुसार, करीब 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन (वैश्विक उत्पादन का 10%) सप्लाई अभी भी बाधित है और इसे पूरी तरह सामान्य होने में 3-6 महीने लग सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि अगर हॉर्मुज में सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो ब्रेंट कीमतें फिर चढ़ सकती हैं। अलग-अलग परिदृश्यों में ब्रेंट की कीमत $95 से $120 प्रति बैरल तक जा सकती है, इस पर निर्भर करेगा कि सप्लाई कब बहाल होती है।
टेक्निकल संकेत
ब्रोकरेज Angel One के अनुसार, निफ्टी ने 20 DEMA के अहम सपोर्ट को बचाए रखा है और हाल के सत्रों में गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार अब भू-राजनीतिक खबरों को बेहतर तरीके से पचा रहा है।
निफ्टी के लिए 23,500-23,600 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 24,000-24,100 तत्काल रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर 24,400-24,600 का जोन अगला बड़ा अवरोध माना जा रहा है। सोमवार को BSE Sensex 702 अंक गिरकर 76,847 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 50 23,842 पर बंद हुआ था।
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