



















FD Rates: रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग ऐसे निवेश की तलाश करते हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और हर महीने एक तय कमाई भी होती रहे। यही वजह है कि सीनियर सिटीजन के बीच Fixed Deposit (एफडी) आज भी सबसे भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स में शामिल है।
इस समय देश के कई बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स सीनियर सिटीजन को अधिकतम करीब 8% तक ब्याज दे रहे हैं। खास बात यह है कि 60 साल से ऊपर के लोगों को नॉर्मल कस्टमर्स की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है।
ज्यादातर बैंक और NBFCs सीनियर सिटीजन को नॉर्मल FD रेट से करीब 0.50% ज्यादा ब्याज देते हैं। कुछ बैंक सीनियर सिटीजन FD स्कीम भी चला रहे हैं, जिनमें अतिरिक्त 20-30 बेसिस पॉइंट तक का फायदा दिया जा रहा है। यानी सही बैंक चुनने पर रिटायर्ड लोगों को बेहतर और स्थिर रिटर्न मिल सकता है।
नोट- यहां बताए गए सभी बैंक के ब्याज दर, बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट से 27 मई 2026 तक अपडेटेड डेटा के आधार पर बताए गए हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए सबसे ज्यादा FD रेट DCB Bank दे रहा है। 70 साल या उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को 24 महीने से लेकर 25 महीने से कम की एफडी पर बैंक 7.95% का इंटरेस्ट रेट दे रहा है। वहीं 60 साल या उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को इसी अवधि में 7.85% का ब्याज मिल रहा है।
वहीं YES Bank 36 महीने से 60 महीने से कम की अवधि पर 7.75% ऑफर कर रहा है। Tamilnad Mercantile Bank 567 दिन की एफडी पर अधिकतम 7.70% और Deutsche Bank 1 साल से 1.5 साल की अवधि पर 7% रिटर्न दे रहे हैं।
अन्य बैंक एफडी पर कितना ब्याज दे रहे हैं?
Punjab National Bank सीनियर सिटीजन को 444 दिन की अवधि पर 7.10% का ब्याज और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 7.40% का ब्याज दे रहा है।
SBI वरिष्ठ नागरिकों को 5 से 10 साल की अवधि पर 7.05% का FD इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।
Canara Bank 555 दिन की अवधि वाले नॉन-कॉलेबल फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.20% तक रिटर्न ऑफर कर रहा है वहीं कॉलेबल फिक्स्ड डिपॉजिट बैंक 7.10% का ब्याज दे रहा है।
HDFC Bank 3.1 साल से लेकर 4.7 साल के बीच अधिकतम 7% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही HSBC 601 दिन से 699 दिन की अवधि के बीच करीब 6% तक ब्याज दे रहा है।
टैक्स को लेकर क्या ध्यान रखना जरूरी है?
सीनियर सिटीजन को FD पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है। अगर किसी सीनियर सिटीजन की टैक्स देनदारी नहीं बनती, तो वह Form 15H जमा करके TDS कटने से बच सकता है।
सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न लें
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर एफडी में इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। बैंक की विश्वसनीयता, जमा बीमा, पैसे निकालने की सुविधा, अवधि का लचीलापन और संस्था की वित्तीय स्थिति जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
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