Newsबिजनेस न्यूजभारत का डिफेंस सेक्टर बना ‘गेमचेंजर’, ₹1.78 लाख करोड़ पहुंचा रिकॉर्ड उत्पादन
आत्मनिर्भर भारत की रफ्तार से रक्षा उत्पादन ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, निजी सेक्टर की भागीदारी भी बढ़ी। भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि तेजी से उन्हें बनाने और दुनिया को निर्यात करने वाला बड़ा खिलाड़ी बनता जा रहा है।

भारत का रक्षा उत्पादन सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
In Short
- आत्मनिर्भर भारत का असर, रक्षा उत्पादन ने बनाया इतिहास
- भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचा
- निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से बदला डिफेंस सेक्टर
- भारत बना रक्षा निर्माण का बड़ा केंद्र, रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज
भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹1.54 लाख करोड़ से 15.6% ज्यादा है। सरकार का कहना है कि यह बढ़त आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी नीतियों का नतीजा है। इन आंकड़ों के अनुसार कहा जा सकता है कि भारत तेजी से अपने हथियार और रक्षा उपकरण देश में ही बना रहा है। 2020-21 में यह उत्पादन ₹84,643 करोड़ था, जबकि 2013-14 में यह सिर्फ ₹43,746 करोड़ था। यानी पिछले कुछ सालों में इसमें कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
घरेलू कंपनियों और निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
रक्षा उत्पादन में सरकारी कंपनियों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही है। रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और अन्य सरकारी इकाइयों का हिस्सा कुल उत्पादन का करीब 76% है। वहीं निजी कंपनियों की भागीदारी भी बढ़ रही है। 2024-25 में निजी क्षेत्र का हिस्सा 22% से बढ़कर 24% हो गया है। इस साल निजी कंपनियों का उत्पादन करीब ₹42,000 करोड़ तक पहुंच गया है। जाहिर है किअब प्राइवेट सेक्टर भी रक्षा निर्माण में मजबूत भूमिका निभा रहा है।
रक्षा निर्यात और नीति सुधारों का असर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बढ़त सरकार, उद्योग और दूसरे सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि नई नीतियों और सुधारों से रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिली है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, रक्षा निर्यात भी बढ़कर ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया है और भारत अब 80 से ज्यादा देशों को रक्षा उत्पाद भेज रहा है।
पिछले 12 सालों में सरकार ने रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 और नई खरीद नियमावली जैसे सुधार लागू किए हैं, जिससे देश में उत्पादन और निवेश दोनों बढ़े हैं।
Edited By:
franklin nigam
Published On:
Jun 17, 2026




















