
























Zepto IPO: क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपने आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल कर दिया है।
इस आईपीओ में 8,010 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 11.34 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। हालांकि कंपनी के को-फाउंडर आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा इस आईपीओ में अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।
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ऑफर फॉर सेल के तहत Nexus Ventures, Razor Ventures Zepto, Contrary ZEP Holdings, Kaiser Permanente Group Trust और Kaiser Foundation Hospitals जैसे मौजूदा निवेशक शेयर बेचेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होगा।
जुटाई गई रकम कहां होगी इस्तेमाल?
Zepto ने बताया कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मौजूदा और नए शहरों में डार्क स्टोर नेटवर्क के विस्तार, मौजूदा डार्क स्टोर्स के किराये के भुगतान, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन के लिए उसकी सहायक कंपनी Zepto Marketplace में निवेश के लिए किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी संभावित अधिग्रहणों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए भी पैसों का उपयोग करेगी।
कारोबार तेजी से बढ़ा, लेकिन घाटा बरकरार
मार्च 2026 तिमाही में Zepto का नेट घाटा घटकर 1,538.67 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 1,831.91 करोड़ रुपये था। वहीं परिचालन से आय 75.26% बढ़कर 7,497.64 करोड़ रुपये पहुंच गई।
हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा बढ़कर 5,905.19 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 4,699.71 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद कंपनी का राजस्व 103.63% उछलकर 22,623.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
मार्च 2026 तक कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या 4.79 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 25% अधिक है। Zepto के पास 1,139 डार्क स्टोर थे और चौथी तिमाही में कंपनी ने 21 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए।
ED समन का खुलासा
UDRHP में Zepto ने यह भी खुलासा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 8 अप्रैल 2026 को आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत समन जारी किया था।
ED ने विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, बैंक खातों, आयकर रिटर्न, लोन, गारंटी और कंपनी के बिजनेस मॉडल से जुड़ी जानकारी मांगी थी। कंपनी के अनुसार दोनों फाउंडर्स ने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होकर मांगे गए दस्तावेज जमा कर दिए हैं। यह मामला फिलहाल लंबित है।
अन्य नियामकीय चुनौतियां भी सामने
फाइलिंग में यह भी बताया गया है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) क्विक कॉमर्स सेक्टर में कथित प्रिडेटरी प्राइसिंग और एंटी-कॉम्पिटिटिव डिस्काउंटिंग की जांच कर रहा है, जिसमें Zepto का नाम भी शामिल है।
इसके अलावा ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने SEBI को पत्र लिखकर क्विक कॉमर्स कंपनियों के आईपीओ पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं महाराष्ट्र FDA द्वारा Zepto की पूर्व इकाई Kiranakart Technologies के एक स्टोरेज सेंटर में खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पाए जाने के बाद लाइसेंस निलंबन का मामला भी फाइलिंग में शामिल किया गया है।
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