




















अप्रैल 2026 में भारत के ऑटो मार्केट में बड़ा बदलाव दिखा। Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) के फ्रेश आंकड़ों के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी बढ़कर 5.7% पर पहुंच गई, जो एक साल पहले अप्रैल 2025 में 3.7% थी। मार्च 2026 के 5.1% के मुकाबले भी यह ज्यादा है।
इस बढ़त के पीछे एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया युद्ध के चलते ईंधन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका रही, जिससे खरीदार तेजी से बैटरी-चालित गाड़ियों की ओर झुके।
डीजल-पेट्रोल की पकड़ ढीली
अप्रैल 2026 में डीजल गाड़ियों की हिस्सेदारी घटकर 17.39% रह गई, जो पिछले साल 18.85% थी। पेट्रोल कारों की मांग भी सालाना आधार पर कमजोर पड़ी, जबकि CNG गाड़ियों ने अपनी पकड़ मजबूत रखी।
FADA के वाइस प्रेसिडेंट साई गिरिधर ने कहा कि यह पर्सनल मोबिलिटी के टियर-3 और ग्रामीण इलाकों तक फैलने का संकेत है, जहां छोटे कारों की वापसी, SUV की मजबूत मांग और वैकल्पिक ईंधन ऑप्शन का असर दिख रहा है।
कंपनियों की EV बिक्री में जबरदस्त उछाल
देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता Tata Motors Passenger Vehicles ने अप्रैल में 92% सालाना बढ़त दर्ज की। कंपनी ने 8,536 EV रजिस्ट्रेशन किए, जो पिछले साल 4,436 थे।
Mahindra & Mahindra की EV बिक्री 74% बढ़कर 5,192 यूनिट पहुंच गई, जिसमें XEV 9S जैसे नए मॉडल का योगदान रहा।
JSW MG Motor India ने भी 45% की बढ़त के साथ 5,006 यूनिट बेचीं।
नई एंट्री करने वाली कंपनियां भी पीछे नहीं रहीं। Maruti Suzuki India Ltd ने e-Vitara के साथ 1,230 EV बेचीं, जबकि वियतनाम की VinFast ने 1,232 यूनिट दर्ज कीं। Hyundai Motor India ने Creta EV और Ioniq 5 के जरिए 516 यूनिट की बिक्री की।
कुल ऑटो बाजार भी मजबूत
कुल पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री अप्रैल में 12.21% बढ़कर 4,07,355 यूनिट रही। खास बात यह रही कि ग्रामीण बाजार में 20.40% की तेजी दर्ज हुई, जो शहरी बाजार (7.11%) से काफी ज्यादा है।
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