



























Petrol-Diesel Price News: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को उन तमाम खबरों का खंडन कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक पोस्ट में मंत्रालय ने इन खबरों को 'फेक न्यूज' करार देते हुए कहा कि ऐसी भ्रामक जानकारियां नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के मकसद से फैलाई जा रही हैं।
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026FAKE NEWS
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o
अफवाहों पर लगाम
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक ब्रोकरेज फर्म के नोट का हवाला देते हुए यह दावा किया गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। इस नोट में अनुमान लगाया गया था कि चुनावों के बाद ईंधन की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक का बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
हालांकि, सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। मंत्रालय ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि कीमतों में इजाफे की बात महज एक कोरी कल्पना है और लोगों को ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों से सुरक्षा
पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां पिछले 4 सालों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, भारत सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से आम आदमी को बचाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव और सप्लाई की दिक्कतों के बावजूद, सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की नीति अपनाई है।
बड़े शहरों में मौजूदा तेल के दाम
फिलहाल देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें अपने पुराने स्तर पर ही बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।
हालांकि ब्रोकरेज फर्मों का तर्क था कि कच्चा तेल महंगा होने से सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) नुकसान झेल रही हैं और मौजूदा कीमतों को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल होगा, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की उसकी कोई योजना नहीं है।
此内容由惯性聚合(RSS阅读器)自动聚合整理,仅供阅读参考。 原文来自 — 版权归原作者所有。