Newsट्रेंडिंगजनता के पैसे से जुड़े मामलों में बैंकों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
जनता के पैसे से जुड़े मामलों में बैंकों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
कैनरा बैंक और एक निर्यात कंपनी के बीच चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि बैंकों को नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अदालत ने कहा कि अगर नियमों में ढील दी गई या उनसे हटकर काम किया गया, तो इससे बैंकिंग व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

AI Generated Image
In Short
- कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि जनता के पैसों से जुड़े मामलों में बैंकों को RBI के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
- अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी से बैंकिंग व्यवस्था और देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की नसीहत देते हुए कहा है कि पब्लिक के पैसों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि बैंक जनता के पैसों को मैनेज करते हैं, इसलिए उन्हें हर आधिकारिक लेनदेन में अत्यधिक सावधानी और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने कैनरा बैंक और एक निर्यात कंपनी के बीच चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि बैंकों को नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अदालत ने कहा कि अगर नियमों में ढील दी गई या उनसे हटकर काम किया गया, तो इससे बैंकिंग व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं, इससे वित्तीय अव्यवस्था फैल सकती है और देश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कर्मचारियों की जवाबदेही पर सख्त टिप्पणी
अदालत ने कहा कि यदि बैंक का कोई कर्मचारी नियमों से हटकर काम करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की पब्लिक के पैसों के प्रति मूलभूत जिम्मेदारी है और वे हर पैसे के लिए जवाबदेह हैं।
कैनरा बैंक के दावे को झटका
मामले में हाईकोर्ट ने डेट रिकवरी अपीलेट ट्रिब्यूनल (DRAT) के आदेश को रद्द करते हुए कैनरा बैंक के रिकवरी दावे को खारिज कर दिया। यह विवाद निष्ठा डिजाइन्स (Nisha Designs) द्वारा बैंकों के साथ किए गए कथित फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा था। बाद में इस कंपनी का अधिग्रहण टेक्सपोर्ट ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड ने कर लिया था।
बैंक का दावा था कि कंपनी ने अपने दायित्व पूरे नहीं किए, जिससे उसे नुकसान हुआ। हालांकि हाईकोर्ट ने पाया कि कैनरा बैंक कथित फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े अंतिम समझौते या उन दस्तावेजों को पेश नहीं कर सका, जिनसे यह साबित हो सके कि कंपनी की ओर से लेनदेन करने वाले व्यक्ति को अधिकृत किया गया था।
अहम गवाहों को पेश नहीं किया
अदालत ने यह भी कहा कि बैंक ने विवादित लेनदेन से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों की गवाही तक नहीं कराई। फैसले में उल्लेख किया गया कि बैंक ने अपनी विदेशी शाखा में कामकाज संभालने वाली कर्मचारी विजया कामत या टेक्सपोर्ट की ओर से कथित तौर पर फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट बुक करने वाले दिनेश सिंह को गवाह के तौर पर पेश करने का प्रयास नहीं किया।
Published On:
Jun 17, 2026



























