

























EPFO big changes: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO जल्द कई बड़े बदलाव लागू करने जा रहा है। इनमें पुराने और निष्क्रिय PF खातों तक पहुंच आसान बनाने के लिए नया E-PRAAPTI पोर्टल, TDS नियमों के लिए नया Form 121 और EPS पेंशन में संभावित बढ़ोतरी शामिल है। सरकार के ये कदम डिजिटलीकरण, बेहतर अनुपालन और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
1) E-PRAAPTI पोर्टल से पुराने PF खाते होंगे एक्टिव
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि EPFO जल्द E-PRAAPTI पोर्टल लॉन्च करेगा। यह पोर्टल आधार आधारित प्रमाणीकरण के जरिए पुराने या इन-एक्टिव EPF खातों को खोजने और दोबारा एक्टिव करने में मदद करेगा। खास बात यह है कि जिन खातों का UAN से लिंक नहीं है, उन्हें भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए एक्सेस किया जा सकेगा।
शुरुआती चरण में यह सदस्य ID आधारित सिस्टम पर काम करेगा। बाद में ऐसे लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जिनके पास पुरानी सदस्य ID की जानकारी नहीं है।
EPFO ने FY26 में रिकॉर्ड 8.31 करोड़ क्लेम निपटाए, जो पिछले साल के 6.01 करोड़ दावों से काफी ज्यादा हैं। इनमें बड़ी संख्या ऑटो मोड के जरिए तीन दिन के भीतर प्रोसेस हुई।
2) EPS पेंशन बढ़ाने पर विचार
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है। फिलहाल न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रतिमाह है।
मजदूर संगठनों और पेंशनर्स लंबे समय से इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा राशि बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
सरकार अभी 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन बनाए रखने के लिए हर साल 950 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान देती है। संसदीय समिति भी पेंशन बढ़ोतरी के पक्ष में है और इस पर जल्द फैसला हो सकता है।
3) Form 15G और 15H की जगह आया Form 121
1 अप्रैल से EPFO ने Form 15G और Form 15H की जगह नया Form 121 लागू कर दिया है। इसका मकसद EPF निकासी पर TDS छूट प्रक्रिया को आसान बनाना है।
पहले 60 साल से कम उम्र वालों को Form 15G और वरिष्ठ नागरिकों को Form 15H भरना पड़ता था। अब सभी पात्र लोग एक ही Form 121 के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
नया सिस्टम आयकर डेटाबेस के साथ इंटीग्रेशन के जरिए तेज प्रोसेसिंग और कम त्रुटियों में मदद करेगा। हालांकि जांच पहले से ज्यादा सख्त होगी। PAN, Aadhaar और बैंक डिटेल्स सही तरीके से लिंक और सत्यापित होना जरूरी होगा, वरना TDS कट सकता है।
यह फॉर्म उन लोगों को TDS से राहत देगा जिनकी आय टैक्स सीमा से नीचे है और जो 50,000 रुपये से ज्यादा EPF निकासी कर रहे हैं। हालांकि इसे हर वित्त वर्ष में और निकासी से पहले जमा करना जरूरी होगा।
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