
























Money changes from May 1: मई की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, टैक्स और निवेश से जुड़े कई नए नियम लागू हो गए हैं। सरकार और रेगुलेटर्स का फोकस ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना, जोखिम कम करना और सिस्टम में अनुशासन लाना है। चलिए जानते हैं कि 1 मई 2026 से पैसों से जुड़े कौन-कौन से बदलाव आए हैं।
1) LPG की कीमतों में बदलाव
Indian Oil Corporation समेत तेल कंपनियों ने मई के लिए LPG कीमतों में बदलाव किया है। 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमत 261 रुपये बढ़ गई है। मुंबई और दिल्ली में इसकी शुरुआती कीमत करीब 339 रुपये है।
सरकार छोटे सिलेंडर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। 9,500 से ज्यादा कैंप लगाकर 1.59 लाख से अधिक 5 किलो सिलेंडर बेचे गए हैं। Indane Chhotu, Bharat Gas Mini और HP Gas Appu जैसे सिलेंडर अब बिना एड्रेस प्रूफ और सिक्योरिटी डिपॉजिट के आसानी से मिल रहे हैं। इसके अलावा आज कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 993 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
2) म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स पर सख्ती
अब म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूटर्स को हर प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और नाम दिखाना अनिवार्य होगा। इससे निवेशकों को सही पहचान और भरोसा मिलेगा। साथ ही AMFI-रजिस्टर्ड ARN, SIFD और APRN जैसे स्टैंडर्ड टाइटल्स का इस्तेमाल जरूरी कर दिया गया है।
3) डिजिटल पेमेंट और ATM नियम बदले
बैंक अब सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा सख्त हो गए हैं। UPI, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग में ज्यादा OTP और वेरिफिकेशन देखने को मिल सकते हैं।
ATM से जुड़े नियम भी बदले हैं। UPI के जरिए कार्डलेस कैश विदड्रॉल अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिना जाएगा। लिमिट पार करने पर 17 से 21 रुपये तक चार्ज लग सकता है।
4) क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए नई शर्तें
आरबीआई के नए नियमों के तहत लेट पेमेंट पर 3 दिन की ग्रेस पीरियड मिलेगी, लेकिन चार्ज की गणना ड्यू डेट से ही होगी। एसबीआई के मुताबिक 100-500 रुपये बकाया पर 100 रुपये और 500-1000 रुपये पर 500 रुपये लेट फीस लगेगी। BPCL SBI कार्ड पर अब फीस माफी के लिए सालाना खर्च 1 लाख रुपये करना होगा। IDFC First Bank और Yes Bank बड़े बिल पेमेंट पर 1% सरचार्ज वसूलेंगे। वहीं Axis Bank ने रेंट पेमेंट पर चार्ज बढ़ाए हैं।
5) टैक्स नियम भी हुए सख्त
अब टैक्स विभाग साल भर के कुल कैश ट्रांजैक्शन पर नजर रखेगा। अगर कुल कैश ट्रांजैक्शन 10 लाख रुपये से ज्यादा हुआ तो PAN देना जरूरी होगा। इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगाने की कोशिश है।
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