





















एप्पल के दिग्गज सीईओ टिम कुक ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। 65 वर्षीय कुक 1 सितंबर को अपनी जिम्मेदारी जॉन टर्नस को सौंप देंगे, जो वर्तमान में कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख हैं। हालांकि, कुक पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं हो रहे हैं और वह एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। कर्मचारियों को लिखे एक फेयरवेल मैसेज में कुक ने इस सफर को यादगार बताया और कहा कि उनके पास दुनिया की सबसे शानदार नौकरी थी।
कुक के दौर में एप्पल ने रचा इतिहास
टिम कुक का जाना एक सुनहरे युग के अंत जैसा है। साल 2011 में जब उन्होंने कमान संभाली थी, तब एप्पल की वैल्यू करीब 350 अरब डॉलर थी, जो आज बढ़कर लगभग 4 ट्रिलियन (4 लाख करोड़) डॉलर के करीब पहुंच गई है। उनके नेतृत्व में कंपनी की कमाई 108 अरब डॉलर से बढ़कर साल 2025 तक 416 अरब डॉलर के पार निकल गई। कुक ने न केवल आईफोन को घर-घर पहुंचाया, बल्कि एप्पल की 'सर्विसेज' बिजनेस को भी 100 अरब डॉलर के बड़े कारोबार में तब्दील कर दिया।
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भारत को बनाया एप्पल का नया गढ़
भारत के नजरिए से देखें तो टिम कुक का कार्यकाल क्रांतिकारी रहा है। साल 2016 में जब वह पहली बार भारत आए थे, तब यहां एप्पल की मौजूदगी नाममात्र की थी। लेकिन आज भारत एप्पल के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है।
कंपनी ने भारत में अब तक छह बड़े रिटेल स्टोर खोल दिए हैं, जिनमें मुंबई, दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, पुणे और नोएडा जैसे शहर शामिल हैं।
'मेक इन इंडिया' को मिली नई उड़ान
आज दुनिया भर में बिकने वाले कुल आईफोन्स का लगभग 25% हिस्सा भारत में बन रहा है। साल 2025 में भारत में करीब 5.5 करोड़ आईफोन तैयार किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 53% ज्यादा है।
फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां अब भारत में ही आईफोन बना रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में बिकने वाले आधे से ज्यादा आईफोन अब भारत में असेंबल होकर वहां पहुंच रहे हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च के तरुण पाठक का कहना है कि टिम कुक ने भारत की क्षमता को पहचाना और यहां के युवाओं के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनाया।
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नए सीईओ और भारत का भविष्य
नए सीईओ जॉन टर्नस के सामने अब कुक की इस विरासत को आगे ले जाने की चुनौती होगी। जानकारों का मानना है कि टर्नस का इंजीनियरिंग बैकग्राउंड और उनकी ऊर्जा भारत के महत्वाकांक्षी युवाओं को काफी पसंद आएगी।
एप्पल अब भारत में केवल फोन बेचने या बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के रिसर्च और एआई (AI) ईकोसिस्टम का भी फायदा उठा रही है। टिम कुक ने भारत के लिए जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले दशकों तक एप्पल की ग्रोथ की कहानी लिखती रहेगी।
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